राजू जो कि कक्षा ५(5) का छात्र था, उसे कक्षा १०(10) का छात्र मनोज किसी बात को लेकर चिड़ा रहा था।उसने गुस्से में मनोज का सिर फोड़ दिया।
मामला प्रिंसिपल साहेब के पास गया।
"क्यों मारा तुमने मनोज को?", प्रिंसिपल ने राजू को पूछा।
"वह मुझे चिड़ा रहा था ",राजू ने जवाब दिया।
"ऐसा क्या कह रहा था वह तुम्हे ,कि तुमने उसका सिर फोड़ दिया ?"
राजू ने सिर निचे कर लिया और कोई जवाब न दिया। चपरासी को कह कर उसके पिता जी को बुलाया गया।राजू के पिता जी तुरंत स्कूल आ गए।उनकी आयु कुछ ४५(45) बरस के करीब होगी।उन्होंने प्रिंसिपल साहेब को हाथ जोड़ कर नमस्ते बुलाया। राजू की शिकायत उसके पिता जी से की गई और झगड़े का कारण जानने की कोशिश की गई। राजू कुछ न बोला और चुप रहा।प्रिंसिपल ने राजू के पिता से उनका नाम पूछा ताकि वह उन्हें उनके नाम से संबोधित कर सके। "मुन्ना" , राजू के पिता ने जवाब दिया।उनका नाम सुन कर चपरासी हँस पड़ा। राजू ने प्रिंसिपल के मेज़ से पेपर्वेट उठाया और चपरासी के सिर पर दे मारा। अब सब जान चुके थे झगड़े की वजह।
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