Saturday, 28 November 2020

सब मिथ्या है

 अब जाने की बारी आयी

तो जीवन पर नजर घुमाई

झोंक दिया सब यौवन

अर्जित करने को धन

सुख खोजते रहे खजाने में

दुःखी होते रहे उसे पाने में

दूर होता गया परिवार

जीवन मे भर लिया विकार

अब सोच रहे सब तो खोया है

व्यर्थ मृत्यु सोच हर कोई रोया है

मृत्यु ही तो सत्य है

बाकी सब मिथ्या है


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