अब जाने की बारी आयी
तो जीवन पर नजर घुमाई
झोंक दिया सब यौवन
अर्जित करने को धन
सुख खोजते रहे खजाने में
दुःखी होते रहे उसे पाने में
दूर होता गया परिवार
जीवन मे भर लिया विकार
अब सोच रहे सब तो खोया है
व्यर्थ मृत्यु सोच हर कोई रोया है
मृत्यु ही तो सत्य है
बाकी सब मिथ्या है
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