आंगन में राधा जी मसाले सूखा रही थी और उनकी बड़ी बहु का बेटा टिंकू वही खेल रहा था।तभी गुप्ता आंटी आई।"तुम्हारी छोटी बहू तो बहुत सीधी लगती है",गुप्ता आंटी ने राधा जी को बोला
राधा जी व्यंग कसते हुए बोली " हाँ जी, बिल्कुल सीधी है जलेबी की तरह "।
खिचड़ी का त्योहार आया और नई बहु के मायके वाले आये । उन्हें जलेबी परोसी गयी।
राधा जी ने टिंकू को चाची को बुलाने को कहा।
टिंकू ने मेहमानों के सामने ही पूछ डाला कौन सी चाची को ,मझली चाची या जलेबी सी सीधी चाची को।मायके वाले अब परोसी हुई जलेबी को अनदेखा कर रहे थे और राधा जी उन्हें।जलेबी की मिठास का तो पता नही पर बाते अब जलेबियों की तरह उलझ गई थी।राधा जी ने सब संभालने के लिए अब गोल- गोल जलेबी सी बातें बनानी शुरू कर दी थी।
अब बच्चा क्या जाने "जलेबी सी सीधी" क्या होवे है?😀
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